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1019 Views 2019-12-31 13:28:05

व्ययसाय से सम्बंधित वो वास्तु टिप्स जो दिलाएंगे आपको तरक्की

हर व्यक्ति चाहता है उसका बिज़नस प्रतिदिन नयी तरक्की करे। इसके लिए वो अच्छे प्रयास भी करता है। फिर भी कई बार ऐसा होता है कि अधिक मेहनत के बावजूद कोई सफलता नहीं मिल पा रही है। चलते हुए बिज़नस में नुकसान उठाना पड़ रहा है तो इसका एक कारण वास्तु दोष भी हो सकता है। आपके अच्छे व्यवसाय के लिए आपके कार्यालय या कम्पनी (commercial vastu expert in gurgaon) का वास्तु के अनुसार होना आवश्यक है। साधारण वास्तु उपायों के द्वारा भी आप अगर कोई दोष उपस्थित है तो उसे दूर कर सकते हैं।

क्या है वास्तु शास्त्र

वास्तु शास्त्र ग्रह निर्माण की प्राचीन कला है। यह शास्त्र पूरी तरह से विज्ञान सम्मत है। वास्तु के नियम पर्यावरण के पांच तत्वों के संतुलन पर आधारित हैं। ‘पंचभुतियाँ’ (जल, अग्नि, पृथ्वी, वायु, और अंतरिक्ष)।

कैसे डालता है वास्तु दोष आपके बिज़नस पर असर ?

वास्तु शास्त्र (commercial vastu expert in gurgaon) पांच तत्वों के संतुलन का विज्ञान है। प्रकृति में उपस्थित ये पांच तत्व हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव रखते हैं। इन तत्वों में असंतुलन होने पर ये घर , बिज़नस और आपके जीवन पर विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं। प्रत्येक दिशा का एक उर्जा प्रवाह होता है अगर आपके कार्यस्थल पर ये उर्जा प्रवाह संतुलित नहीं है तो तरक्की में बाधा होगी। वास्तु टिप्सों के द्वारा आप इन उर्जा को संतुलित करके तरक्की पा सकते हो।

जानिए कुछ सरल वास्तु उपाय (commercial vastu expert in gurgaon)

हर व्यवसाय को सफलता के सोपानों तक ले जाने में कुछ बाते महत्वपूर्ण होती हैं जिनमे प्लानिंग , पैसा, क्रियान्वयन और टीम मैनेजमेंट। व्यवसाय में आप धन लगाते हो ताकि उसका उचित मुनाफ़ा आपको मिल सके। तो जानिये कुछ वास्तु उपाय जो आपको धन लाभ करवाएंगे।

  • आपके व्यवसाय वाली जगह का दरवाजा अंदर की ओर खुलने वाला होना चाहिए। बाहर की ओर दरवाजा खुलने से व्यय की अधिकता होती है।
  • व्यवसाय के लिए ऋण प्राप्त करना है तो आप उत्तर-पश्चिम में दो सफेद घोड़ों की तस्वीर लगाएं। यह आपके प्रयासों को सफलता दिलवाएगी।
  • उत्तर दिशा को धन का क्षेत्र माना जाता है। यह धन कुबेर की दिशा है। बैंकिंग और सहयोग के जोन उत्तर-पश्चिम को भी सही करने की आवश्यकता होती है। इसके लिए उत्तर पश्चिम दिशा को नकारात्मक उर्जा से दूर रखें।
  • कम्पनी के मालिक का भाग्यांक मजबूत होना आवश्यक है। अगर मालिक का भाग्यांक मजबूत नहीं है तो पत्नी या पुत्र के भाग्यांक को भी संज्ञान में लिया जा सकता है।
  • अपने कार्यस्थल पर समय समय पर नमक के पानी का पौछा लगवाएं। नमक उस स्थान की नेगेटिव उर्जा को समाप्त कर देता है।
  • उत्तर दिशा में कुबेर की मूर्ति स्थापित करें। इससे आपके व्यवसाय में धन का आगमन बढेगा।

कार्यालय बनाते समय किन बातों का ध्यान रखें (commercial vastu expert in gurgaon) –

निर्माण के समय ही अगर उचित वास्तु रीति से ध्यान दिया जाए तो बाद में व्यवसाय में वास्तु सम्बन्धी कोई परेशानी नहीं आएगी। इसके लिए यहाँ कुछ बातें हैं जिनका ध्यान रखना आवश्यक है। पढ़िए

प्रवेश द्वार – पूर्व या उत्तर दिशा
मालिक का कमरा – दक्षिण-पश्चिम दिशा
स्टॉफ – उत्तर-पश्चिम दिशा
गोदाम – दक्षिण-पूरव दिशा
सम्मेलन कक्ष – उत्तर-पश्चिम दिशा
कार्यालय में मंदिर – पूर्व दिशा
लॉकर – दक्षिण पश्चिम और इसका खुलने वाला सिरा उत्तर दिशा
रिसेप्शन – पूर्व या उत्तरी दिशा का सामना करते हुए होना चाहिए
शौचालय – पूरव-दक्षिण और पश्चिम दिशा
वॉटर टैंक – दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा
सीढ़ी – दक्षिण-पश्चिम या दक्षिणी-पश्चिमी कोण में रखें

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