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617 Views 2020-08-05 05:28:54

गायत्री मन्त्र जाप है चमत्कारिक, इस तरीके से जाप करने से होंगे कष्ट दूर

शास्त्रों में अनेक वेदोक्त मन्त्र हैं जो सिद्धिदायक हैं। इनके जाप से जीवन की कई प्रकार की समस्याएं दूर हो सकती हैं। शास्त्रों में मंत्रों को बहुत शक्तिशाली और चमत्कारी बताया गया है। सबसे ज्यादा प्रभावी मंत्रों में से एक मंत्र है गायत्री मंत्र। इसके जप से बहुत जल्दी शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।

गायत्री मंत्र ( Gayatri Mantra)

ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।।

गायत्री मंत्र का अर्थ (Meaning of Gayatri Mantra)

“सृष्टि कर्ता प्रकाश मान परमात्मा के तेज का हम ध्यान करते हैं, परमात्मा का वह तेज हमारी बुद्धि को सद्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करें”

गायत्री मंत्र जप की विधि ( Gayatri Mantra Jaap Vidhi)

● रुद्राक्ष की माला का प्रयोग किया जाना चाहिए है।

● स्नान आदि के बाद पवित्रीकरण करने के बाद ही गायत्री साधना करनी चाहिए।

गायत्री मंत्र जाप करने के नियम ( Rules of Chanting Gayatri Mantra) –

गायत्री मंत्र जाप करने के कुछ नियम हैं जो आपको जाप करते समय जरूर ध्यान रखना चाहिए। गायत्री मंत्र के नियमित रूप से जाप से सभी प्रकार के दुष्प्रभाव कुछ समय में नष्ट हो जाते हैं। इसके जाप से नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा एक प्रवाह बनता है जो आपको अपने कार्यों में सफलता दिलाता है।

● गायत्री मंत्र के जाप में रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें ।

● इस बात का ध्यान रखें की गायत्री मन्त्र का जाप करते समय बहुत मद्धम स्वर ( धीमी आवाज़) या मन में इस मन्त्र का जाप करें।

● योग्य व्यक्ति के मार्गदर्शन के बाद ही इस मन्त्र का जाप करें और उच्चारण में शुद्धता का भी ध्यान रखें।

● शरीर के साथ-साथ मन का भी शुद्ध होना आवश्यक है। इसलिए मन,वचन और कर्म से पवित्रता का पालन करें।

● जाप के समय स्वच्छ सूती वस्त्र धारण करें।

● कुश या चटाई से बने हुए आसन पर बैठकर गायत्री मंत्र का जाप करें।

● अगर किसी स्थिति में रुद्राक्ष की माला उपलब्ध नहीं हो तो तुलसी या चंदन की माला का भी प्रयोग किया जा सकता है।

● प्रात: काल पूर्व दिशा की ओर मुख करके गायत्री मंत्र का जाप करें और सांय काल को पश्चिम दिशा में अपना मुंह कर के जाप करें।

● खान-पान की शुद्धता, गायत्री मंत्र का जाप करने वाले व्यक्ति का खान-पान शुद्ध और पवित्र होना चाहिए। जो लोग गायत्री जाप के समय अशुद्ध आचरण करते हैं, गलत खान-पान करते हैं उनको लाभ की जगह नुकसान भी हो सकता है।

h4>गायत्री मंत्र जाप के लाभ ( Benefits of Gayatri Mantra) गायत्री मन्त्र का जाप मन को असीम शांति प्रदान करता है। इससे सभी कष्ट प्रभावहीन हो जाते हैं। नौकरी या बिज़नेस या जीवन में अन्य कोई परेशानी हो रही हो तो ऐसे में गायत्री मंत्र का जाप लाभदायक साबित होता है।

जीवन का उत्साह एवं दृष्टिकोण सकारात्मक होता है।

धर्म और सेवा कार्यों में मन लगता है।

समस्याओं से निपटने का हौसला आता है।

मानसिक मजबूती मिलती है।

मन शांत होने से विचार स्थिर और एकाग्रता बढ़ती है।

मन्त्र सिद्धि जितनी वर्षों पूर्व ऋषि मुनियों द्वारा महत्व की मानी जाती थी उतनी ही आज भी है और उतनी ही चमत्कारिक भी है। हमारी वैदिक परम्परा में मन्त्र सिद्धियों का विशेष महत्व रहा है। चार वेदों में अलग-अलग विद्याओं से जुड़े कई गूढ़ रहस्य आपको जानने को मिल जायेंगे। गायत्री मन्त्र भी उनमें से एक है इसलिए शास्त्रोक्त विधि से ही इसका जाप करना चाहिए।

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