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677 Views 2019-12-04 06:50:26

रिश्तों में आ रही है समस्याएं, ज्योतिष शास्त्र से जानिए समाधान

रिश्ते जीवन के सबसे अनमोल पहलू होते हैं, इसलिए इनमे थोडा भी तनाव हो जाने पर व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। इनमे से एक है पति-पत्नी का रिश्ता। आपका जीवन साथी आपका सबसे अच्छा दोस्त होता है इसलिए इस रिश्ते को बहुत गहरा और सुदंर बनाये रखना जरुरी है। जाने अनजाने में कई बातें ऐसी हो जाती है जो इन रिश्तों में मनमुटाव पैदा करवा देती है।

आपकी जन्मकुंडली का भी रिश्तों पर गहरा प्रभाव होता हैं। वैवाहिक जीवन में परेशानियाँ हो सकता है आपके दोनों की कुंडली में उपस्थित दोषों के कारण हो। ज्योतिष शास्त्र में रिश्तो को ठीक करने के लिए भी कई सारे आसान से समाधान हैं जिनके करने से आपके जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।

क्या आपके जीवन में भी चल रही है ऐसी परेशानियां ?

  • आपस में तालमेल न बैठ पाना ( पति-पत्नी के जन्मपत्री की राशियों में अगर मित्रता नहीं है। ग्रह दशाओं में अगर कोई विपरीत प्रभाव बन रहा है तो ऐसी समस्याएँ हो सकती है)
  • जीवन में सामंजस्यता का आभाव हो
  • ग्रहों में अगर वैर भाव हो तो भी पति-पत्नी के संबंधो में दरार हो सकती है।

क्या हैं उपाय ?

सबसे आसान उपाय है कि रिश्तों में थोडा सयंम रखें। अगर आपको पता ही आपके बीच में तनाव चल रहा है तो आपको विशेष ध्यान देने की जरूरत है। खुश रहें और आपस में प्यार से ही बात करें। मन में भी किसी तरह ही दुर्भावना न रखें। इसके लिए आप कुछ ज्योतिष उपाय भी कर सकते हैं।

  • शिव-पार्वती की आराधना करें। शिव को जल चढ़ाएं ।
  • सोमवार को श्वेत वस्तुओं का दान करें। आपके शयन कक्ष में भी सफ़ेद फूल, चित्र आदि लगायें ये शांति का प्रतीक है।

विवाह के बाद पति-पत्नी को दूर रहना पड़े(विरह योग ):

  • शनि या राहू की दशा होने पर पति-पत्नी में विरह योग बनता है। इससे किसी भी कारणवश दोनों को दूर रहना पड़ता है। इन कारणों में कई बार करियर, नौकरी और भी कई सारी वजहों से दूर रहना पड़ता हैं।

उपाय :

  • दोनों पति-पत्नी मधुराष्टकम का पाठ करें। ( अधरं मधुरं……..)
  • पीपल के पेड़ के नीचे प्रत्येक शनिवार को सरसों का दीपक दान करें।
  • पति-पत्नी का बेडरूम दक्षिण-पश्चिम में हो। उत्तर दिशा की दीवार पर दोनों का खुशनुमा फोटो दीवार पर लगायें।

वैवाहिक जीवन में पारिवारिक हस्तक्षेप हो :

  • चन्द्रमा के ख़राब होने से भी इस तरह की परेशानियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। यही कारण होता है जब पारिवारिक हस्तक्षेप बढ़ जाता है।
  • मगल ग्रह के विपरीत कारक होने पर भी इस तरह के अलगाव और तलाक जैसे हालात बन जाते हैं।

उपाय :

  • घर के बगीचे में पुष्प पल्लवित पौधे लगायें।
  • घर में साफ-सफाई रखें। विशेषकर अपने शयनकक्ष और रसोई को साफ़ सुथरा रखें। ये सकारात्मक प्रभाव पैदा करते हैं।
  • सूर्य का प्रकाश प्रयाप्त मात्रा में घर में पहुँचाना चाहिए। इसलिए घर के दरवाजों, पर्दों को खुला रखें।

स्वास्थ्य समस्याएं होने पर

  • पति या पत्नी, किसी के भी कुंडली में मांगलिक दोष होने पर ऐसी समस्याएं उतपन्न हो सकती है।
  • गुरु ( बृहश्पति) अगर पत्नी की कुंडली में अशुभ प्रभाव बना रहा है।

उपाय

  • हनुमान जी की पूजा करें। मंगलवार और शनिवार को सुन्दरकांड का पाठ करें।
  • तुलसी के पौधे को नियमित रूप से जल से सींचे और शिव पार्वती की पूजा करें।

वैवाहिक जीवन में शक पैदा हो रहा हो

  • राहू की बुरी दृष्टि के कारण
  • चन्द्रमा के कमजोर होने के कारण

उपाय

  • नित्य प्रति गायत्री का जाप करें। 108 बार इस मन्त्र का मन से प्रसन्नचित्त होकर प्रार्थना करें ।
  • मन में किसी भी प्रकार का संशय न रखें। अच्छी और सकारात्मक सोच रखें।

शारीरिक हिंसा :

  • राहू , शनि और सूर्य का मंगल के साथ प्रभाव होने पर पति-पत्नी के बीच शारीरक हिंसा की नौबत आ जाती है
  • मंगल दोष होने पर ऐसा हो सकता है। हालंकि इनके सबके उपाय ज्योतिष शास्त्र में दिए गए है इसलिए डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। मन से साथी के प्रति बुरे विचार निकाल दें और अच्छा सोचें।

उपाय

  • काले और लाल रंग का उपयोग नहीं करें। मंगल का कुप्रभाव बढ़ाते हैं।
  • पति-पत्नी साथ में मिलकर विशेषज्ञ ज्योतिषी से रुद्राभिषेक करवाएं। भगवान शिव की पंचाक्षर नामावली ‘ ओउम नमः शिवाय’ का जाप करें।

यदि किसी जातक की कुंडली में दोष होने की वजह से वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो उपाय के लिए सबसे पहले पति-पत्नी की कुंडली का मिलान बेहद जरूरी हो जाता है। मिलान के बाद ही ज्योतिषाचार्य उपायों और प्रभाव के बारे में बता सकते हैं।

पत्नी या पत्नी, किसी भी एक की कुंडली में दोष होने पर और दूसरे की कुंडली के अनुकूल होने पर कई बार दुष्प्रभाव नही पड़ता लेकिन प्रभाव इसके उलट भी हो सकता है। इसलिए अगर आपके जीवन में किसी तरह ही कोई समस्याएं चल रही हैं तो आपको जन्मकुंडली विश्लेषण, विशेषज्ञ ज्योतिष से करवाना आवश्यक है।

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