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817 Views 2019-07-16 10:30:18

प्रशासनिक सेवा में सफलता प्राप्ति के लिए ये ग्रह बनाते हैं योग

प्रशासनिक सेवा में सफलता प्राप्ति के लिए ये ग्रह बनाते हैं योग

आज के आधुनिक समय में भी युवा आईएएस,आईपीएस बनने का सपना लेकर दिन रात मेहनत करते हैं। मगर इनमें कुछ को जल्दी ही सफलता मिल जाती है जबकि कई लोग वर्षों तक मेहनत करने के बाद भी सफल नहीं हो पाते हैं और प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना अधूरा रह जाता है। प्रशासनिक सेवा में सफल होकर उच्च अधिकारी बनने के ज्योतिष शास्त्र में योग बताएं गए हैं तभी इस क्षेत्र में सफलता मिलती है।

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा और मंगल को बल का प्रतीक एवं बृहस्पति ग्रह को ज्ञान का कारक माना है। ​प्रशासनिक सेवाओं में सफलता प्राप्ति में इन तीन ग्रहों का प्रमुख योगदान होता है।इन ग्रहों के अलावा शनि व बुध की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है क्यों कि प्रशासनिक अधिकारी बनने के बाद उचित निर्णय लेने में शनि व बुध की प्रमुख भूमिका होती है।

  • शनि जहां अधिकारी व जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में अपना प्रभाव दिखाता है तो बुध ग्रह उचित समय पर सही निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार होता है।
  • आईएएस, आईपीएस जैसे पद पर पहुंचने में जन्म लग्न भी महत्वपूर्ण है और यह मजबूत स्थिति में है तो सफलता की संभावनाएं बढ जाती हैं।
  • इसके अलावा नवम भाग्य भाव, पराक्रम का तृतीय भाव और पंचम व चतुर्थ भाव का भी प्रबल होना अति आवश्यक है।
  • दशम भाव में शुभ व मजबूत ग्रहों की युति और दृष्टि भी जातक को सरकारी सेवा में उच्च अधिकारी बनाती है।
  • मंगल ग्रह साहस,पराक्रम का कारक है इसलिए पुलिस सेवा व सेना में सफलता प्राप्त कर बडा पद हासिल करने के लिए मंगल ग्रह की स्थिति का कुंडली में आंकलन अवश्य करना चाहिए तभी इन सेवाओं में किस्मत आजमानी चाहिए।
  • बृहस्पति की प्रबल स्थिति भी प्रशासनिक पद हासिल करवाने में महत्वपूर्ण है और बृहस्पति के साथ सूर्य की अच्छी स्थिति भी उच्च सेवाओं में जाने के योग बनाती है।

इन उपायों से मिलेंगे सकारात्मक परिणाम – अगर प्रशासनिक सेवाओं में सफलता के लिए दृढ निश्चय के साथ मेहनत कर रहे हैं मगर भाग्य साथ नहीं दे रहा है तो ज्योतिष शास्त्र के कुछ असरदार उपाय करने चाहिए जिससे सफलता की संभावनाएं बढ जाती है।

  • प्रशासनिक सेवाओं में सफलता के लिए महत्वपूर्ण ग्रह सूर्य की मजबूती करना आवश्यक है इसलिए प्रतिदिन सुबह स्नान के पश्चात तांबे के लोटे में सूर्य के समक्ष जल अर्पित करना चाहिए। इस दौरान सूर्य मंत्र व गायत्री मंत्र का जाप भी करना श्रेष्ठ है।
  • मंगल की मजबूती के लिए हनुमान जी की पूजा व व्रत या ज्योतिष सलाह पर मंगल का रत्न मूंगा धारण किया जा सकता है।
  • बुध ग्रह प्रबल बना कर इस क्षेत्र में सफल होने के लिए गणेश जी की पूजा,व्रत व पन्ना रत्न धारण कर सकते हैं।

गुरू ग्रह की प्रसन्नता से शुभ फल हासिल करने के लिए बृहस्पति वार को भगवान विष्णु की पूजा,व्रत से सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

कुंडली संबंधित अधिक जानकारी के लिए पंडित पवन कौशिक से संपर्क करें: +91-9990176000

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