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895 Views 2018-03-27 05:07:42

अलग-अलग देवी-देवताओं को समर्पित सप्ताह के सात दिन क्यों हैं खास

जीवन में हरेक व्यक्ति के लिए सप्ताह के सात दिनों में से कोई ना कोई एक दिन के मायने जरूर अलग होंगे। यह दिन किसी के लिए शुभ होगा तो वह अपना अधिकांश काम उसी दिन करने की कोशिश करेगा लेकिन वहीं कोई अशुभ दिन हो तो व्यक्ति उस दिन जरूरी काम करने से बचता है। हिन्दू धर्म में सप्ताह के सातों दिन किसी ना किसी देवी-देवताओं को समर्पित है। सप्ताह के साथ दिनों में सात चमत्कारी उपायों से प्रभु तंगहाल को भी बना देते हैं मालामाल। सप्ताह के सात दिनों में किस दिन कौन से देवी-देवताओं की उपासना और क्या विशेष करना चाहिए आईए जानते हैं।

किस दिन कौन से देव की उपासना करें

रविवार का दिन

  • भगवान सूर्य का दिन, इस दिन लोग सूर्यनारायण की आराधना करते हैं।
  • इस दिन ‘ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:‘ मंत्र का जाप करें।

सोमवार की उपासना

  • यह दिन महादेव शिव का दिन है।
  • इस दिन शिवलिंग पर गंगाजल में सुगंधित पुष्प, अक्षत अर्पित करें।
  • इस दिन ‘नमस्कृत्य महादेवं विश्वव्यापिनमीश्वरम्, वक्ष्ये शिवमयं वर्म सर्वरक्षाकरं नृणाम्’ मंत्र का जाप करें।

मंगलवार की उपासना

  • यह दिन संकटमोचन वीर हनुमान का दिन माना जाता है।
  • बजरंगबली हनुमान को सिंदूर, चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए।
  • इस दिन ‘मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठ।वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये’ मंत्र का जाप करें।

बुधवार की उपासना

  • यह दिन भगवान श्री गणेश का दिन है।
  • इस दिन त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय। नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्’ इस मंत्र के साथ उपासना करें।

गुरुवार की उपासना

  • गुरुवार का दिन विष्णु भगवान,साईं बाबा और बृहस्पति के नाम होता है।
  • इस दिन ‘ऊं नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णु प्रचोदयात्’ मंत्र के साथ उपासना करें।

शुक्रवार का दिन

  • यह दिन मां लक्ष्मी और मां दुर्गा का दिन है व इस दिन माता की पूजा करने और उनके मंत्रों का जाप करने का विशेष महत्व होता है।
  • इस दिन ‘महालक्ष्मी च विद्महे, विष्णुपत्नी च धीमहि, तन्नो लक्ष्मी: प्रचोदयात्’ मंत्र के साथ उपासना करें।

शनिवार का दिन

  • यह दिन कर्मफलदाता शनिदेव का दिन माना जाता है व उनकी कुदृष्टि से बचने के लिए अराधना की जाती है।
  • इस दिन ‘ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शन्योरभिस्त्रवन्तु न:’ मंत्र के साथ उपासना करें।

अलग-अलग देवी-देवताओं को समर्पित सप्ताह के यह सात दिन में आप भी अपने अराध्य की स्तुति कर उसे अपने लिए शुभ बना सकते हैं।

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