Browse:
10543 Views 2018-03-09 05:22:37

अशुभ है या शुभ कांच का टूटना

दर्पण इंसान का प्रतिबिंब होते हैं और मनुष्य के जीवन का अहम हिस्सा भी, जिसमें अपने अक्स को देखना हर किसी को रास आता है। भारतीय संस्कृति में कांच का टूटना अपशकुन व किसी अनहोनी घटना के घटित होने के संकेत से जोड़ कर देखा जाता है। कई जगह ऐसी भी मान्यता है कि शीशा तोड़ने वाले इंसान की आत्मा उसके अंदर फंस जाती है। इसके अलावा सपने में टूटा हुआ कांच देखने को दुर्घटना का संकेत माना जाता है। असल जिंदगी में भी हाथ से कांच का ग्लास आदि टूट जाने पर कोई षड़यंत्र, शक या पारदर्शिता पर संदेह से जोड़ा जोड़ा जाता है। यह सिर्फ कही सुनी बातें हैं या फिर क्या है इसके पीछे का सच आईए जानते हैं।

मिथ और मान्यताएं

  • आईना गिर कर टूट जाने पर विपत्ति आने का संकेत देता है।
  • इसके निवारण के लिए नदी या जलाशय पर जाकर अपनी परछाई उसमें देखने से आने वाली विपदा टल जाती है ऐसी मान्यताएं है।
  • कांच के ग्लास, प्लेट इत्यादि हाथ से टूटने पर घर में अचानक किसी की तबियत खराब हो जाने या वाद-विवाद का होना व किसी मुसीबत के आने से पहले ही कांच ने अपने ऊपर ले लिया ऐसा माना जाता है।
  • घर में कांच के बर्तन टूटने पर किसी सफाई कर्मचारी को नमक देने से आने वाली मुसीबत टल जाएगी ऐसी धारणा है।
  • इसके अलावा कांच के बर्तन टूटने पर ग्लास किसी धर्म स्थान पर दान करने या उपाहार स्वरूप भेंट करने से भी मुसीबत टल जाती है।
क्या है वैज्ञानिक कारण

वर्षों पहले अथक परिश्रम, प्रयास और विशेषज्ञता के परिणाम स्वरुप आईने का निर्माण हुआ था। उस दौर में इसे बेहद मुल्यवान वस्तु माना जाता था इसका इस्तेमाल, रख-रखाव सावयानी पूर्वक किया जाता था। टूटे हुए कांच के टुकड़े शरीर को जख्मी कर सकते हैं। लोगों में यह धारणा डाल दी गई कि टूटे कांच का खास ख्याल रखें।

इसके पीछे मुख्य कारण उस वक़्त शीशे का कीमती होना व इसके टूटे टुकड़े से जख्मी होने के खतरे के एहतियात के तौर पर मान्यताएं जुड़ गई। तो आपने जाना कि कांच या इसके ग्लास इत्यादि को संभाल कर रखने व इसके टूटने के पीछे अपशकुन की मान्यताओं व वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारे में जिसपर गौर कर आप भी इसे संभाल कर रखें व इस्तेमाल करें।

Read More About Pt. Pawan Kaushik Click Here – Top Astrologer in Gurgaon

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*